4.7/5 - (14 votes)

भारत की 65% आबादी के लिए चावल मुख्य स्टार्टर भोजन है। चावल का मूल रूप मानव द्वारा नहीं खाया जा सकता। चावल पाने के लिए उचित उपचार की आवश्यकता है। चावल मिल एक ऐसा प्रक्रम है जो चावल की भूसी और दाने निकालकर पॉलिश किया हुआ चावल बनाने में मदद कर सकता है। चावल ही चावल है। मूल प्राथमिक प्रसंस्कृत उत्पाद आगे प्रोसेस कर विभिन्न द्वितीयक और तृतीयक उत्पाद प्राप्त किए जाते हैं। बेसिक चावल मिलिंग प्रक्रिया में निम्नलिखित प्रक्रियाएं शामिल हैं।

प्रक्रिया

पूर्व-सफाई: चावल से सभी अशुद्धियाँ और खाली दाने हटाएं।


rice destoner machine: Use a stone machine to separate the small stones from the rice.

कुक किया गया (वैकल्पिक): दाने में स्टार्च की जेलिएटेशन से पोषण गुण बढ़ाते हैं। ऑफ-लाइन मिलिंग रीकवरी और पॉलिशिंग/व्हाइटनिंग संचालन में वृद्धि होती है।

छिलाई: चावल की भूसी हटाएं।

क्रस्ट वैक्यूम: भूरे चावल/ छिले हुए चावल से भूसी अलग करें।

चावल अलग करना: असम्पूर्ण चावल को भूरे चावल से अलग करना।

पॉलिशिंग: ब्रान और जर्म का कुछ हिस्सा याทั้งหมด ब्राउन चावल से हटा दें।

पॉलिशिंग: चावल के शेष ब्रान कणों को हटाकर और कर्नेल की सतह पॉलिश करके मिलिंग की उपस्थिति में सुधार करता है।

लंबाई वर्गीकरण: चावल से छोटे और बड़े कपड़ों/टुकड़ों को अलग करें।